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अभी-अभी: 150 बीजेपी नेता कांग्रेस में हुए शामिल, बीजेपी में मचा कोहराम !

इस साल के अंत में 4 राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने को हैं. बात करे एमपी में कांग्रेस का इस वक़्त पलरा भाड़ी हैं. माना जा रहा हैं की आने वाले विधानसभा चुनाव  में कांग्रेस को जीतने से कोई नहीं रोक सकता हैं. दोनों ही राजनीतिक दल जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं. इस बार इन विधानसभा चुनाव में बीजेपी का जीतना काफी मुश्किल नज़र आ रहा है.

– कांग्रेस में शामिल हुई बीजेपी महिला नेताsource

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सबसे कम उम्र की महिला सरपंच अपने गाँव के साथ साथ अपने माँ बाप का नाम रोशन कर रही हैं. जी हाँ इस महिला सरपंच का नाम हैं मोना कौरव. बताया जाता हैं की मोना महज २१ साल में यह मुकाम हासिल कर ली थी. इसके साथ ही मोना उन महिलाओं के लिए आशा की किरण बन गई हैं जो सोचती हैं की महिला घर के काम के अलावा कुछ नहीं कर सकती हैं.

– मोना की तारीफ कर चुके हैं एमपी के सीएमsource

मिली जानकारी के अनुसार एमपी के सीएम शिवराज ने ना केवल उसकी पीठ थपथपाई बल्कि सार्वजनिक रूप से भी मोना की तारीफ किया था. बता दे की आज वही मोना अपने 150 सरपंचो के साथ कांग्रेस का हाथ थामने जा रही हैं. कांग्रेस नेता कमला नाथ ने इन सरपंचो को कांग्रेस पार्टी का शपथ दिलवाया.

– मोना कौरव ने की कांग्रेस की जमकर तारीफ़ source

कांग्रेस में शामिल होने के बाद मोना ने कहा कि गांधी जी का सत्य, इंदिराजी की निडरता, न्याय और राजीव जी की ज्वाला हमारे साथ है. बीजेपी पार्टी पर कात्क्ष करते हुए कहा कि एमपी में मामा के पाप का घड़ा भर चूका हैं, जल्दी ही फूटने वाला हैं घड़ा. एमपी में कांग्रेस की सरकार आने से कोई नहीं रोक सकता हैं. इतना ही नहीं मोना ने आगे कहा की बीजेपी सिर्फ भ्रष्टाचार की पार्टी बन कर रह गई हैं. ये लोग सत्ता में राम मंदिर बनाने आये थे लेकिन खुद का ऑफिस बनाने में बिजी हैं. शिवराज पर निशाना साधते हुए काह कि हमें अच्छे दिन और नहीं चाहिए ,हम पुराने दिन में ज्यादा खुश थे.

– मोना कुपोषित बच्चों की देख रेख भी करती हैं source

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मोना सरपंच के साथ साथ समाज सेवी भी हैं. इन्होने गाँव से कुपोषण ख़त्म करने के लिए 11 बच्चो को गोद भी लिया हैं. आहम बात यह हैं की मोना ने नरसिंहपुर जिले में सबसे कम उम्र की महिला सरपंच होने का इतिहास रख दिया हैं. मोना के मुताबिक सरकार का बजट काफी हैं एक गाँव को विकास के पथ पर ले जाने के लिए. लेकिन काम करने वाला लापरवाही और भ्रष्टाचार न हो तब यह संभव हैं.

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