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450 साल पुरानी मस्जिद को तोड़ रहे थे कर्मचारी, फरिश्ते बनकर आया ये शख्स, पढ़ें पूरी खबर

भारत में कहने को तो सभी धर्म एक समान है लेकिन हक़ीकत कुछ और ही है. आये दिन हिन्दू और मुस्लिम धर्म के लोगों के बीच हुए दंगे फसाद की खबरें सामने आती रहती हैं. इन मामलों को लेकर मोदी सरकार कोई एक्शन नहीं लेती है बल्कि इन मामलों के बढ़ने के पीछे बीजेपी का ही सबसे बड़ा हाथ होता है. लेकिन हालहि में एक हैरान करने वाला मामला देखने को मिला है जिसने सबके होश उड़ा कर रख दिए हैं.

यह है पूरा मामलाsource

दरअसल, जब भी किसी मंदिर की दीवारों को हिलाया जाता है तो भारी संख्या में लोग उपस्थित होकर कुछ भी करने से मना कर दिया जाता है लेकिन जब किसी मस्जिद को तोड़ा जाता है तो कोई भी सामने नहीं आता है. देश में भेदभाव का एक सबसे बड़ा रूप ये देखने को मिलता है. ऐसा ही एक मामला हालहि में अहमदाबाद में देखने को मिला  यहाँ पर कई एतिहासिक इमारतें मौजूद हैं, इन्ही इमारतों में एक है मस्जिद, जिसे बीते दिनों ढहाने की कोशिश की गई.

यह है वो मस्जिदsource

जानकारी के लिए आपको बता दें, कि यह मस्जिद मुग़ल शासक से भी संबंधित है. इसका निर्माण शेख मोहम्‍मद गौस ने कराया था. आपको जानकर हैरानी होगी कि शेख मोहम्मद गौस कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि आध्‍यात्मिक गुरु थे. इन्होने बादशाह हुमायूं से लेकर महान संगीतकार तानसेन तक को अपने ज्ञान से प्रकाशित किया था. लेकिन आज उनके द्वारा बनवाई गई इस मस्जिद तोड़ा जा रहा था.

अधिकारी बना फरिश्ता, देखें वीडियो 

जब इस मस्जिद को फायर डिपार्टमेंट के कर्मचारी तोड़ रहे थे तो एक अधिकारी फरिश्ता बनकर आया और उसने ये अनर्थ होने से रोक लिया. बताया जा रहा है कि नगर आयुक्त विजय नेहरा ने मस्जिद तोड़ने से मना कर दिया और इसे फिर से रिस्टोर करने का फैसला लिया है. उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया है कि तोड़े गए हिस्सों को फिर से मरम्मत कराया जायेगा और आगे ऐसा न हो वो भी सुनिश्चित किया जायेगा.

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