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अर्नब गोस्वामी को मोदी सरकार ने दिया यह तोहफा, बिकाऊ मीडिया का एक बार फिर हुआ पर्दाफ़ाश, छिड़ा विवाद

बीते 4 सालो में मोदी सरकार अक्सर विवादों से घिरे रहते हैं. कभी इनके मंत्री, तो कभी पीएम मोदी खुद अपने कारनामे या फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियो में बने रहते हैं. हाल में ही एक बार फिर मोदी सरकार अपने काम को लेकर विपक्ष के निशानों पर आगई हैं. मिली जानकारी के अनुसार मोदी सरकार ने नेहरू मेमोरियल म्यूज़ियम और लाइब्रेरी सोसायटी में चार नए लोगों को नियुक्त किया है.

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एक बार फिर मोदी सरकार विवादों में घिरी source

आपकी जानकारी के लिए बता दे की केंद्र की मोदी सरकार ने नेहरू मेमोरियल म्यूज़ियम और लाइब्रेरी सोसायटी में चार नए लोगों को नियुक्त किया है. जिनसे से एक चाटू पत्रकार अर्नव गोस्वामी का भी हैं. इसके साथ साथ पत्रकार रामबहादुर राय, पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर का नाम सामने आया हैं. इनलोगों को शामिल किया गया हैं. जानकरी के अनुसार यह लोग 26 अप्रैल 2020 सोसायटी के सदस्य बने रहेंगे.

विपक्ष ने पीएम मोदी पर साधा निशाना source

खबरों की माने तो रामबहादुर राय इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फ़ॉर आर्ट्स के भी चेयरमैन हैं. इस नियुक्तियों के बाद से भी मोदी सरकार विवादों में घिर चुके हैं. वहीँ विपक्ष का आरोप हैं कि मोदी सरकार इस प्रक्रिया को प्रदिश्ता नहीं किये हैं. विपक्ष ने आरोप लगाया हैं की मोदी अपने करीबी को ही इस सदस्य में रखा हैं. बढ़ते विवाद के बाद भानू मेहता ने इस सोसायटी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

भानु मेहता ने पीएम मोदी के खिलाफ किया विरोध source

खरो की माने तो इस फैसले का बीपी सिंह और उदयन मिश्रा ने जम कर मोदी सरकार के खिलाफ विरोध जाहिर किया हैं. जिसके बाद से भानु प्रताप मेहता ने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया हैं. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो बोले की इस नियुक्ति में काफी धांधली हुआ हैं. मेहता नए निदेशक शक्ति सिन्हा की नियुक्ति से असहमत थे.

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