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Breaking: भारत में लगी EVM पर रोक, वजह जानकर आप हैरान हो जायेंगे !

दुनिया में भारत एक सबसे बड़ा लोकतंत्र देश हैं. 2006 से भारत में पूरी तरह से EVM का इस्तेमाल किया जाने लगा हैं. हालंकि जब से बीजेपी सत्ता में आई हैं तब से चुनाव के पहले EVM का मुद्दा लगातार उठता रहता हैं. पिछले 4 सालो से ईवीएम पर कई तरह के सवाल खड़े किए गए हैं. वहीँ इस समस्या से निजात पाने के लिए तृणमूल कांग्रेस समेत 17 राजनीतिक दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग लेकर चुनाव आयोग से लगातार बात कर रहे है.

इन देशो में  EVM हो चूका हैं बैनsource

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत द्वारा बनाये गए EVM का इस्तेमाल किया जाता हैं. वर्तमान में लगभग 24 ऐसे देश हैं जहाँ चुनाव के लिए EVM का इस्तेमाल किया जाता हैं. बता दे की इनमें से कई देशों में यह पायलट फेज में हैं. EVM का इस्तेमाल अभी भी ब्राजील, नॉर्वे, वेनेजुएला, भारत, कनाडा, बेल्जियम, रोमानिया, ऑस्ट्रेलिया, इटली, आयरलैंड, यूरोपीय संघ और फ्रांस में किया जाता हैं.

EVM का सॉफ्टवेर सुरक्षित नही हैsource

जानकारों कि माने तो EVM तभी सुरक्षित रह सकता हैं जब इसमें वास्तविक कोड प्रणाली का  इस्तेमाल किया जायेगा. लेकिन हैरानी कि बात यह हैं कि EVM निर्माता कंपनी BEL एंड ECIL ने ये टॉप सीक्रे कोड को विदेश के कंपनी के हवाले किया हैं. जिसकी वजह से इसमें हैकिंग का खतरा बना रहता हैं. मिली जानकारी के अनुसार विदेशी कंपनी द्वारा जारी किया गया कोड निर्वाचन आयोग के पास भी उपलब्ध नहीं होता हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया ये आदेश source

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने EVM का इस्तेमाल वीवीपैट के साथ करने का आदेश दिया है. जिसके बाद से बीजेपी खेमे में हरकंप मचा हुआ हैं. मिली जानकरी के अनुसार इस सिस्टम को लागू करने में 3000 करोड़ से ज्यादा खर्च होने कि संभावना हैं. खबरों कि माने तो EVM को आराम से हैक किया जा सकता हैं. क्युकि EVM में  आसानी से सॉफ्टवेर या हार्डवेयर चिप को बदला जा सकता है.

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