मोदी कहने पर BSF जवान को दी गई ये अजीब सज़ा, सुनकर हो जाएंगे गुस्सा


हमे बचपन से ही कहा जाता है कि अपने से बड़े के आगे श्री या माननीय लगाना उनका सम्मान करने के बराबर होता है लेकिन क्या कभी सोचा है कि यदि किसी ने गलती से किसी के नाम के आगे ‘श्री’ न लगाया हो तो वो कितनी बड़ी सज़ा का हकदार हो जाता है?source

बीएसएफ जवान को मिली गलती की सज़ा 

यूँ तो इस सज़ा का प्राविधान किसी भी जगह नही हैं लेकिन हमेशा सेना पर राजनीति करने वाली बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में ये प्राविधान बनाते नज़र आए. जी हाँ बीते 21 फ़रवरी को BSF के 15वे बटालियन के मुख्यालय महतपुर (प.बंगाल) में बीएसएफ जवानों की परेड का आयोजन किया गया था.  इसी दौरान दैनिक एक्सरसाइज में संजीव कुमार नाम के एक जवान से अनजाने में एक ऐसी गलती हो गई, जिसके लिए उन्हें सजा मिली.source

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर देश की सुरक्षा करने वाले जवान से ऐसी क्या बड़ी गलती हो गई कि उन्हें सज़ा दी गई..तो आइये चलिए आपको सैनिक संजीव की गलती के बारे में विस्तार से बताते है.source

पीएम मोदी के आगे ‘श्री’ या ‘माननीय’ नहीं लगाना पड़ा इस जवान को महंगा

दरअसल, परेड के दौरान बीएसएफ जवान संजीव ने पीएम मोदी को सिर्फ मोदी कहने की गलती कर दी थी. उन्होंने मोदी के नाम के आगे ‘श्री’ या ‘माननीय’ नहीं लगाना जिसके चलते उनकी ये गलती उन्हें इतनी मेहंगी पड़ गई कि सरकार ने संजीव की सात दिन की वेतन काटने की सज़ा सुना दी.source

गलती के लिए जवान का काटा गया 7 दिन का वेतन

जानकारी के लिए बता दें कि जीरो परेड के दौरान ही संजीव कुमार ने एक रिपोर्ट देते हुए “मोदी कार्यक्रम” शब्द का इस्तेमाल किया था जहाँ वो मोदी के आगे ‘श्री’ और ‘माननीय’ लगाना भूल गये. लेकिन संजीव की ये छोटी सी गलती बटालिय के कमांडिंग ऑफिसर कमांडेंट अनुप लाल भगत को इस कदर नागवार गुजरी की उन्होंने उसी वक्त संजीव कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय सुना दिया.source

दोषी करार करते हुए सुनाई गई सज़ा

संजीव की इस गलती पर उनके खिलाफ संक्षिप्त सुनवाई हुई जिसके बाद ही बीएसएफ एक्ट की धारा 40 (व्यवस्था के प्रति पक्षपात और बल का अनुशासन) के तहत उन्हें दोषी करार करते हुए उनकी सात दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया गया.source

जवानों पर कथित ज्यादतियों के मामले पहले भी सामने आ चुके है

गौरतलब है कि बीएसएफ के कई वरिष्ट अधिकारियों के अनुसार संजीव को दी गई ये सजा थोड़ा ज्यादा सख्त लगी. लेकिन बावजूद इसके उन्हें दोषी करार किया गया. उल्लेखनीय है कि बीएसएफ में जवानों पर कथित ज्यादतियों के मामले पहले भी कई दफा सामने आ चुके है. ऐसे में अब इस मामले के सामने आने पर ये भी तूल पकड़ता नज़र आ रहा है.

नोट: दोस्तों क्या इस मामले में वाकई संजीव ने इतनी बड़ी गलती कर दी थी, जिसके लिए उसे इतनी बड़ी सजा दी गई ? हमे नीचे कमेंट कर अपनी राय दे और पसंद आए तो इसे शेयर भी करे.

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