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भाजपा शासित राज्य में दलितों को कुंए से पानी भरने पर लगाया गया बैन

छत्तीसगढ़। दलितों पर अत्याचार कम होने के बजाये बढ़ रहा है। ताजा मामला भैयाथान तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा से समाने आया है। जहां दलित बस्ती है लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी यहां पर लोगों को ढोढ़ीनुमा गड्ढे का दूषित पानी पीना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि मोहल्ले में हैंडपम्प नहीं है, एक निजी कुआं है जहां छुआछूत के कारण समाज के 18 दलित परिवारों को पानी भरने की अनुमति नहीं है। वहीं कलक्टर जनदर्शन, लोक सुराज अभियान और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को आवेदन देने के बाद भी दलित बस्ती में पेयजल की कोई व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है।

बता दें कि ग्राम पंचायत बड़सरा के आश्रित ग्राम बस्कर स्थित वार्ड क्रमांक-16 में दलित बस्ती है। यहां लगभग 30 परिवार रहते हैं, उनके लिए शासन ने पानी को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की है। इस बस्ती से करीब डेढ़ किमी दूर स्थित प्राथमिक पाठशाला परिसर में एक हैंडपंप तथा एक निजी कुआं बस्ती में है। बताया जाता है कि यहां पर  अनुसूचित जाति के परिवारों को आज भी छुआछूत की नजरों से देखा जाता है। इसीलिए उनको कुएं से पानी नहीं भरने दिया जाता है। मजबूरन उस परिवार को गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित खेत में इकठ्ठा होने वाले पानी का उपयोग पीने व दैनिक कार्यों में करना पढ़ रहा है।

Dalits are not allowed to drink clean water in this BJP state

बड़सरा के वार्ड क्रमांक 16 स्थित इस दलित बस्ती के 15 से 20 परिवार के पास पानी के लिए पास ही में कोई व्यवस्था न होने के कारण मोहल्ले से लगभग आधा किलो मीटर की दूरी पर स्थित बहरा खेत से निकलने वाले पानी व गड्ढों में इकठ्ठे पानी का उपयोग पेयजल व अन्य जरूरतों के रूप में करना पढ़ रहा है। बता दें कि लगभग 1 फीट गहरे और 4 फीट चौड़ाई वाले दायरे में बना ये गढ्ढे में पानी एकत्रित हो जाता है। रात भर जितना पानी एकत्रित होता है उसे सभी परिवार बर्तनों में भरकर सुबह अपने घर ले जाते हैं और खाना बनाने, पीने और अन्य जरूरतों पर इसी पानी का उपयोग करते हैं।

 

गांव ने दिए कई विधायक, जिला व जनपद सदस्य 
आपको बता दें कि भैयाथान के ग्राम पंचायत बड़सरा की इस बस्ती से कई विधायक और जनपद सदस्य दिए हैं। जिनमें से विधायक के रूप में धर्मपाल जायसवाल, जिपं सदस्य के रूप में जगदीश जायसवाल और कई जनपद सदस्य कृष्णा देवी, सुरूचि साहू व अन्य को निर्वाचित कर विकास की जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन दलित बस्ती में पेयजल की सुविधा मुहैया नहीं करा सके। जिले के नए कलक्टर केसी देव सेनापति से इस बस्ती के लोगों को बड़ी अपेक्षाएं हैं।

दलित बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति और ढोढ़ीनुमा गड्ढे पर पेयजल के लिए आश्रित रहने की जानकारी बस्ती के अवधराम आत्मज जेठूराम ने आवेदन कर जनदर्शन के तहत कलक्टर को और लोक सुराज अभियान के तहत प्रशासन को दी थी। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। परिणामस्वरूप दलित बस्ती के ये परिवार प्रदूषित जल पीने को मजबूर हैं। इस मामले में एसी सिंह जो ईई पीएचई हैं उन्होंने कहा कि.. इस मामले की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। जल्द ही पंचायत से जानकारी लेकर पेयजल की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

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