भारत में नोटबंदी ने रोकी विकास की रफ्तार, वर्ल्ड बैंक ने खोली पोल

noteban hit hard to labor class and farmers

नोटबंदी ने भारत के ग्रोथ की रफ्तार को कम किया है, यह कहना है वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का। वर्ल्ड बैंक ने अपनी इंडिया डेवलपमेंट रिपोर्ट में ये बात कही है। वर्ल्ड बैंक का मानना है कि भारत मौजूदा वित्त वर्ष 2017-18 में 7.2 फीसदी की ग्रोथ रेट से बढ़ सकता है।

वहीं मजबूत बुनियाद, सुधार और निवेश के बूते ये ग्रोथ रेट साल 2019-20 तक 7.7 फीसदी पर पहुंच सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर 2016 में किए गए नोटबंदी के फैसले ने भारत के विकास की राह में रोड़े डाले।

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जहाँ एक ओर केंद्र सरकार कहती रही कि इस फैसले का किसान, मजदूर और गरीब वर्ग को फायदा मिलेगा। वहीं वर्ल्ड बैंक ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है कि नोटबंदी का सबसे बुरा असर गरीबों और आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग पर पड़ा है।

देश की जीडीपी में अऩौपचारिक सेक्टर की हिस्सेदारी भले ही 40 फीसदी हो लेकर यह देश के 90 फीसदी कामगारों को रोजगार देता है। नोटबंदी का नकारात्मक असर सबसे ज्यादा इसी सेक्टर पर पड़ा है। लाजिमी है कि इसकी चोट देश के कामगारों के रोजगार पर पड़ी है।

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