जेट एयरवेज, विस्‍तारा और स्पाइसजेट के बाद एअर इंडिया पर आर्थिक मंदी की मार


ऑटो और टेक्सटाइल्स सेक्टर के बाद अब एविएशन इंडस्‍ट्री पर आर्थिक संकट मंडराता नज़र आ रहा है हालात ये हो गए है की या तो एयरलाइन्स कर्जे में डूबी हुई है या घाटे में चली जा रही है देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी इंडिगो के मुनाफे में तक़रीबन 150 फीसदी की गिरावट बीते एक साल में नज़र आयी है। तो वही एयरलाइन विस्‍तारा को वर्ष 2018-19 में 800 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है इस से पहले विस्तारा एयरलाइन को 431 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

source- business times

वर्ष 2018-19 में एअर इंडिया को 8,400 करोड़ रूपए का जबरदस्त घाटा हुआ है जिस दौरान एअर इंडिया की कुल आय 26,400 करोड़ रुपये रही साथ ही कंपनी को 4,600 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग लॉस उठाना पड़ा। आपको बता दे की एअर इंडिया पर कुल 58,000 करोड़ रुपये का कर्ज है जिसे चुकाने के लिए एयरलाइंस को सालाना 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

एक समय में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन रह चुकी जेट एयरवेज इस वर्ष के 17 अप्रैल से उड़ान ही नहीं भर पा रही है। दरअसल इस एयरलाइन पर भी 12 हजार करोड़ का कर्ज है और यह एयरलाइन दिवालिया प्रकिरिया से गुज़र रही है तो वही जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल चेयरमैन पद से इस्‍तीफा दे चुके हैं साथ ही एयरलाइन के अधिकतर कर्मचारी इस्तीफा दे चुके है।

एयर इंडिया के विनिवेश को लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज बड़ी बैठक कर सकती है कहा यह जा रहा है कि आसमान छूते तेल के दाम और पाकिस्तान के भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद होने के बाद से कंपनी को रोजाना तक़रीबन 3 से 4 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है।

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