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कर्नाटक की IPS ने ठुकराया भाजपा का अवार्ड, कहा- “मेरा ज़मीर इसकी इजाज़त नहीं देता”

आज देश में बीजेपी के आने के बाद से ही जो गन्दी राजनीति की जा रही है उससे अभी तक तो आम आदमी ही परेशान था लेकिन अब इस ओच्छी राजनीति से सरकारी अफ़सर भी ख़ासा परेशान हो रहे है.source

लेडी सिंघम IPS डी रूपा ने दिया बीजेपी को मुंह तोड़ जवाब

ऐसा ही एक मामला इन दिनों देखने को मिला है, जहाँ लेडी सिंघम के नाम से मशहूर कर्नाटक की IPS डी रूपा ने कर्नाटका चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी बीजेपी को उसकी औकाद याद दिलाते हुए कुछ ऐसा कर दिया हैं जिसके चलते वो देशभर की सुर्ख़ियों में छा गई है.source

कर्नाटक बीजेपी सांसद से अवार्ड लेने से किया महिला आईपीएस ने इन्कार

खबर है कि कर्नाटक की IPS डी रूपा ने बीजेपी के राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर की गैर सरकारी संस्था एनजीओ से अवार्ड लेने से न केवल इनकार कर दिया बल्कि उनकी इस हरकत पर सवाल उठाते हुए उन्हें मुंह तोड़ जवाब भी दिया.

IPS डी रूपा ने कहा कि..

“उनका ज़मीर इस अवार्ड को स्वीकार करने की इजाज़त नहीं देता.”

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कर्नाटका के 8 सरकारी अफ़सरों को दिया जा रहा था अवार्ड

दरअसल, हाल ही में बीजेपी सांसद की एनजीओ नम्मा बेंगलुरु फाउंडेशन द्वारा अपने क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले करीब आठ सरकारी अफसरों को इस अवॉर्ड के लिए चुना था, जिसके बाद सभी 8 अफ़सरों को विभिन्न वर्ग में बेंगुलुरु नुम्मा अवार्ड्स दिया जाना था.

अवार्ड के साथ सरकारी अफ़सरों को दिए जा रहे थे पैसे

इसके लिए ही IPS डी रूपा रूपा को भी सरकारी अधिकारी वर्ग में पुरस्कार के लिए चुना गया लेकिन, जैसे ही आईपीएस को पता चला कि चुनाव से ठीक पहले इस अवॉर्ड के साथ बीजेपी सांसद धनराशि भी उन्हें दे रहे हैं तो उन्होंने इसे लेने से साफ़ तौर पर इन्कार कर दिया.

पत्र लिखते हुए लेडी सिंघम ने इनाम स्वीकार करने से किया मना

जानकारी के लिए बता दें कि महिला IPS  ने खुद बीजेपी सांसद की NGO को पत्र लिखा और अवार्ड लेने में असमर्थता जताते हुए कहा कि..

“उनका ज़मीर इस इनाम को स्वीकार करने की इजाज़त नहीं देता. सरकारी स्टाफ से निष्पक्ष रहने की उम्मीद होती है. जिन संस्थाओं का राजनीतिक कनेक्शन हो, उनसे अफ़सरों को दूर रहना चाहिए.”

पत्र लिखते हुए सरकारी अफ़सरों को राजनीति से दूर रहने की दी हिदायत

महिला आईपीएस ने पत्र लिखते हुए बीजेपी को करार जवाब दिया और कहा कि..

“चुनावों के मद्देनज़र अफसरों की निष्पक्षता और ज़रूरी है. जनता के बीच अफ़सर की किसी संगठन या पार्टी से नज़दीकी कभी नहीं झलकनी नहीं चाहिए.”

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जेल में शशिकला को मिल रही स्पेशल सुविधाओं का खुलासा कर चुकी है IPS डी रूपा

अगर याद हो तो महिला IPS डी रूपा बीते साल बेंगुलुरु सेंट्रल जेल में अन्नाद्रुमुक नेता और जयललिता की करीबी शशिकला को मिल रही स्पेशल सुविधाओं का ख़ुलासा करते हुए भी सुर्खियाँ बतौरी थी. हमेशा से ही वो अपने दमदार और देश हित के कार्यों के चलते सरकार और प्रशासन पर कई खुलासे करती रहती है.

नोट: दोस्तों महिला IPS ने बीजेपी सांसद द्वारा मिल रही धनराशि लेने से माना करके क्या कुछ ग़लत किया? हमे अपनी राय नीचे कमेंट कर जरुर दें और पसंद आए तो इसे शेयर भी करे.

{ 5 comments… add one }
  • Ghayas Ullah Khan March 29, 2018, 10:37 am

    आपने बहुत सही किया इस वर्दी पर दाग नहीं आने देना चाहे कुछ भी हो जाये यह वर्दी जनता की हिफाज़त के लिए आपने पहनी है “खाकी से खादी पहेन्ना आसान है खादी से खाकी पहेन्ना कठिन है” जय भारत
    I proud of you

  • Chandan Singh March 29, 2018, 11:12 am

    Right decision,Im happy with you

  • Chandan Singh March 29, 2018, 11:13 am

    Happy with you, Right decision.

  • હિતેશ જાસોલિયા March 30, 2018, 8:45 pm

    Aise officers sab hote to okat kya hoti neta or ભષ્ટાચારી ki

  • Zulaikha Jabeen April 2, 2018, 7:22 am

    We Salute you Madaam…

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