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क्या कोल्हापुरी चप्पलों की वजह से गई थी संजय गांधी की जान, पढ़ें पूरा किस्सा !

आजकल के नेताओ अक्सर बिबादो में ही रहते हैं. बिबादो के बाद भी संजय गांधी सबसे लोकप्रिय नेता माने जाते हैं.  देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी का 23 जून 1980 को विमान दुर्घटना में निधन हो गया था. बताया जाता हैं कि संजय गाँधी के मौत के बाद देश की राजनीति के सारे समीकरण ही बदल गया था. इनके बारे में यह भी कहा जाता हैं कि आपातकाल के समय इनका बड़ा योगदान रहा था.

– संजय गाँधी के बारे में जान ले ये बातेsource

आपको बता दे कि 70 के दशक में संजय गाँधी का इमरजेंसी के समय एक अहम योगदान माना जाता हैं. उनका तेज दिमाग, तर्रार शैली सोच की वजह से देश में यूवाओ का पहले पसंद बने हुए थे. संजय गाँधी अपने आक्रमक तेवर और  भाषण के लिए जाने जाते थे. वो अपनी सादगी में हमेशा रहना पसंद करते थे. पहले लोगो के मूह से सुने होंगे की संजय गाँधी फ्लाइट में भी कोल्हापुरी चप्पल पहन कर सफ़र करते थे. वो सफ़ेद कुर्ता-पायज़ाम, पैरों में कोल्हापुरी चप्पलें और हमेशा मोटा चश्मा पहनते थे. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि संजय गाँधी को फ्लाइट उड़ाने का बहुत शौक़ था.

– इमरजेंसी में भी थी अहम भूमिकाsource

आपको बता दे कि जब देश में इमरजेंसी लगा था तब संजय गाँधी मात्र 33 साल के थे. इतने काम उम्र में ही संजय सत्ता और सियासत की वो धुरी बन चुके थे. कहा जाता हैं की इंदिरा गांधी के बाए हाथ थे संजय गाँधी. इंदिरा गांधी जो भी फैसला लेती थी वो बिना संजय के सहमत से पास नहीं किया जाता था. जानकारो  की माने तो इमरजेंसी लगाने में भी संजय की बड़ी भूमिका थी.

– गांधी परिवार के घर से 500 मीटर की दूरी पर हुआ था हादसाsource

बताया जाता हैं कि संजय गाँधी के पिता राजीव गाँधी ने कई बार उड़ान के दौरान चप्पल की जगह जूते पहनने की सलाह दी थी. लेकिनउन्होंने कभी बात नहीं माना. अंग्रेजी अखबार में छापी ख़बर की माने तो इमरजेंसी के समय संजय पर काफी बार हमला करने की कोशिश किया गया था. 1976 में उन पर गोली चलाई गई थी. लेकिन संजय बार बार बच गए थे. लेकिन 23 जून 1980 को संजय गाँधी के एक बिमान दुर्घटना में मृत्यु हो गया.

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