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कोर्ट का आदेश : अगर शादीशुदा महिला ने बनाया कुंवारे लड़के से संबंध तो अब सीधा मिलेगी मौत ?

आपको बता दे की हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने धारा 497 को ख़ारिज कर दिया हैं. इसे यू समझे सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एडल्ट्री (व्यभिचार) कानून को खारिज कर दिया. साथ ही इस बात पर जोर देते हुए कहा हैं कि पति किसी भी हालत में पत्नी का मालिक नहीं बन सकता हैं. इस बात को सामने आने के बाद से महिलाओं में ख़ुशी की लहर दौर गई हैं.

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कोर्ट ने क्या कहा?source

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 1954 के फैसले में धारा 497 को अवेध करार देते हुए कहा कि ‘राइट टू इक्वलिटी’ के खिलाफ हैं. इस के साथ ही कहा की हमारे समाज में सबको अपने अनुसार जीने का हक़ हैं. कोई भी शादी सुदा औरत अपने पति का गुलाम नहीं हो सकती हैं.source

कोर्ट ने कहा कि जब महिला-पुरूष को सामान हक मिलता है तो फिर इस मामले में महिलाओं से अलग बर्ताव क्यों? आगे कोर्ट के बेंच ने कहा की जब आपराध दोनों की मर्जी से होता हैं तो फिर सिर्फ पुरुष को ही सजा क्यों दी जाती हैं, महिला को सजा क्यों नहीं दिया जाता हैं.

औरत के रजामंदी के बिना संबंध बनाना जुर्म हैंsource

आपको बता दे कि अगर आप औरत के रजामंदी होने का बाद अप संबंध बनाते हैं तो आपको कानून सजा नहीं दे सकती हैं. अगर महिला ने कोर्ट में कहा की मेरे साथ जबरदस्ती किया गया हैं तो फिर आपको सजा पाने से कोई नहीं रोक सकता हैं. इस मामले में आपके उपर रेप का केस लग सकता हैं. अगर कोई शादीशुदा महिला कुंवारे लड़के से संबंध बनाती है तो लड़के की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए वरना महिला पर केस चल सकता हैं.

IPC के सेक्शन 497 में क्या लिखा हैं?source

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि  IPC के सेक्शन 497 में सिर्फ मर्दों को सजा देने का जिक्र है. चाहे संबंध दोनों की रजामंदी से ही क्यों न बनाया गया हो, फिर भी सजा सिर्फ मर्द को ही मिलता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

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