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गलती से मोदी के मुंह से निकल गया EVM का काला सच, अब बचना हुआ मुश्किल

साल 2014 से लेकर अबतक पीएम मोदी अक्सर अपने भाषणों में ऐसी बात बोल देते हैं कि आम जनता को हजम करना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैं. मोदी अपने भाषण में अक्सर उल्टा पुल्टा बात बोल जाते हैं. ऐसी बात जिसका कोई मीनिंग ही नहीं होता हैं. याद दिला दे की कुछ दिन पहले ही मोदी ने अपने के भाषण में नाले के गैस से चाय बनाने की बात कही थी. जानकारों की माने तो इसका बयान का कोई मतलब ही नहीं हैं. बस यही सब कारण हैं की मोदी सोशल मीडिया पर हंसी का पात्र बनते रहते हैं.

– ईवीएम को लेकर फिर विपक्ष ने साधा निशानाsource

आने वाले लोकसभा चुनाव के पहले फिर से एक बार EVM का मुद्दा परमान चढ़ कर बोल रहा हैं. 2014 के बाद जितने भी चुनाव हुए  हैं सब में EVM एक बड़ा मुद्दा रहा हैं. बीजेपी के सांसद सत्रुधन सिन्हा ने भी मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या 50 साल सत्ता में EVM से छेड़ छाड़ कर के बने रहेंगे. इससे साफ़ हैं की मोदी सरकार EVM में कुछ कर के ही चुनाव में जीत हासिल करती हैं.

– चुनाव आयोग भी बीजेपी की हाथ की कठपुतलीsource

कांग्रेस के साथ तमाम विपक्षी दलों ने लगातार EVM का मुद्दा उठाते रहे हैं. इतना ही नहीं चुनाव के समय ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर अपना विरोध जताते रहे हैं. लेकिन इस मामले को लेकर चुनाव आयोग भी गंभीर नहीं हैं. खबरों की माने तो मोदी राज में चुनाव आयोग भी सरकार के इशारे पर काम करती हैं. बताया जा रहा हैं कि चुनाव आयोग ने भी बीजेपी ने अपने करीबी लोगो को पद पर बैठा रखे हैं. खुद ही सोचिये जब बीजेपी पार्टी का आदमी होगा तो फिर जी हजूरी भी बीजेपी का ही करेगा.

– मंच पर पीएम मोदी ने फिर बनाया अपना तमाशाsource

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि बीते दिन पीएम मोदी ने ईवीएम को लेकर एक अजीबोगरीब सा बयान दिया है. उनके मुताबिक साल 1984 में भी बीजेपी हारी थी तो उस समय पार्टी ने ईवीएम को दोष नहीं दिया था. इस बयान के बाद खुद मोदी फंसते नज़र आ रहे हैं. पीएम मोदी के इस बयान में सबसे अधिक दिलचस्प बात यह है कि साल 1984 में चुनाव EVM द्वरा नही बल्कि बैलट पेपर से करवाया गया था. इस बयान के बाद से मोदी सोशल मंदी पर खूब ट्रोल हो रहे हैं.

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