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CBI निर्देशक के बयान के बाद फंसी मोदी सरकार, अब बचना हुआ बिलकुल मुश्किल

बीते दिन केंद्र सरकार द्वरा लिए गए फैसला अब बीजेपी के लिए फांस बनती जा रही हैं. बता दे कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को अचानक मोदी सरकार द्वरा छुट्टी पर भेज दिया गया हैं. इस फैसले के विरुद्ध में अब लोग सड़को पर उतरने लगे हैं. वहीँ इस फैसले के बाद मोदी सरकार की सफाई सामने आई हैं. आपको बता दे कि सीबीआई के निदेशक को हटाने का पॉवर न तो CVC  पास हैं ना ही यह अधिकार केंद्र सरकार को दिया गया हैं.

बुरी तरह से फंसी मोदी सरकार Source

CBI के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को अचानक रात को छुट्टी पर भेजने का फैसला लेकर मोदी सरकार विवादों में घिरती नज़र आ रही हैं. इस फैसले के बाद से ही केंद्र सरकारी की चारो तरफ किर-किरी हो रही हैं. वहीँ जानकारों की माने तो आने वाले समय में मोदी को  कानूनी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है.

सीवीसी का दिया हवाला Source

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि केंद्र सरकार अपने इस फैसले के लिए CVC को जिम्मेदार ठहराया हैं. मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा कि CVC की बैठक में केंद्र सरकार और CVC की अनुमति के बाद यह फैसला लिया गया हैं.Source

विवाद तो तब खड़ा हो गया जब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि सीवीसी को सीबीआई के अधिकारियों के बारे में शिकायतें मिली थीं. आगे कहा कि CBI के निदेशक को इस संबध में नोटिस भेज कर जानकारी माँगा गया था, लेकिन उनकी तरफ से कोई जबाब नहीं दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा Source

आपको बात दे कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी प्रेस कांफ्रेंस किया था. इन्होने नियुक्ति की प्रिक्रिया को बिस्तार से बताते हुए कहा कि मोदी सरकार का यह कदम गैर-कानूनी हैं. अब देखना ये दिलचस्प होगा की केंद्र सरकार अपने बचाओ में कोर्ट के सामने क्या दलील रखती हैं.

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