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CBI चीफ के इस कदम से पीएम मोदी के उड़े होश ! योगी भी हुए बेनक़ाब, पढ़ें खबर

हाल के ही दिनों में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से बुरी ख़बर सामने आई हैं. बता दे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा सीबीआई जांच का आदेश करना योगी सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है. इस मामले पर पूरी तरह से बीजेपी सरकार घिरती नज़र आ रही हैं. वहीँ दूसरी तरफ योगी सरकार CBI जांच का सामना करने की वजाए बचाव में खड़ी नजर आ रही है.

योगी सरकार का भ्रष्टाचारी चेहराsource

आपकी जानकारी के लिए बात दे कि सपा के प्रवक्ता सुनील साजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 68,500 शिक्षकों की भर्ती योगी सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी हैं. आगे कहा कि इस बात से साग हो गया हैं की बीजेपी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं. बीजेपी सरकार अमीरों की सरकार हैं.

क्या था ऑर्डर मेंsource

आपको ये भी बात दे कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की CBI जांच करवानी के आदेश दिए थे. कोर्ट ने 26 नवम्बर तक जांच रिपोर्ट मांगी थी. लेकिन बीजेपी सरकार कभी नहीं चाहती थी कि इस मामले की CBI जांच हो. शायद इसलिए राकेश अस्थानी को छुट्टी पर भेज दिया.

सीबीआई से क्यों भाग रही है सरकारsource

आपकी जानकारी के लिए बात दे कि कोर्ट के आदेश को चुनती देने के लिए योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट का दस्तक दे रही हैं. इस बा से सवाल उठता हैं कि आखिर क्यों योगी सरकार CBI से भाग रही हैं? योगी के मुताबिक 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती की सीबीआई जांच कराने से कोई फायदा नहीं हैं क्युकि सरकार खुद स्तरीय जांच करवा रही हैं.

कोर्ट ने क्या कहा source

जज जस्टिस इरशाद अली ने सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए कहा कि परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियां तीन मूल अधिकारों अभिव्यक्ति, जीवन और समानता का हनन करती हैं. आगे कहा कि इस तरह के मामले न्यायिक जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता हैं.

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