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राष्ट्रपति की सुरक्षा करते हैं सिर्फ इन 3 जातियों के लोग, योग्यता के बावजूद भी नहीं हो सकता हर कोई शामिल !

जैसा की हम सब जानते है हमारा भारत एक लोक त्रंत्रिक देश है. यहां पर हर धर्म, जाति के लोग अपनी मर्जी से रह सकते है, अपनी मर्जी के अनुसार काम कर सकते है. वहीं देश के सबसे सर्वश्रेष्ठ पद यानी कि प्रेसिडेंट का पद इन दिनों काफी सुर्खियों में छाया हुआ है. जानकारी के मुताबिक हमारे देश के प्रेसिडेंट को देश का पहला नागरिक माना जाता है. इतना ही नहीं हमारे प्रेसिडेंट के पास कई तरह के महावात्पूर्ण अधिकार दिया गया है.

 राष्ट्रपति पद एक बार फिर से सुर्खियों …

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मिलीजानकारी के मुताबिक देश के सबसे सर्वश्रेष्ठ पद यानी कि प्रेसिडेंट का पद इन दिनों विवादों से घिरा हुआ है. जानकारी के मुताबिक हाल में ही प्रेसिडेंट की सुरक्षा को लेकर 3 खली पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई थी. लेकिन प्रेसिडेंट की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी की जाति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आपको बता दें कि इस मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका भी दायर की है.

जाति को लेकर हुआ विवाद

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आपको बताते चले कि इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार के साथ-साथ रक्षा मंत्री से 4 हफ्तों के अंदर जबाब माँगा है. हालांकि यह पूरा मामला साल 2017 के जुलाई महीने से उभर कर सामने आया है. बताया जाता है कि साल 2017 में प्रेसिडेंट के बॉडीगार्ड के लिए 3 रिक्त जगह को भरने के लिए आवेदन निकला गया था. लेकिन आवेदन में साफ तौर पर 3 जाति का जिक्र किया गया था. जिसमें से जाट, राजपूत और जाट-सिख जाति शामिल है.

राष्ट्रपति की सुरक्षा सिर्फ तीन जाति के लोग…

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि प्रेसिडेंट की सुरक्षा सिर्फ 3 जाति के ही लोग कर सकते है. इन 3 जाति के अलवा कोई जाती के पास भले ही कितनी योग्यता क्यों न हो, लेकिन प्रेसिडेंट की सुरक्षा में बहाल नही हो सकते है. हालांकि जाति को लेकर यह पद काफी दिनों से विवादों में रहता है. लेकिन अभी तक इस पद के लिए कोई हल नहीं निकल पाया है.

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