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खुलासा: गाय पर राजनीति करने वाली BJP का हुआ भांडाफोड़ , ऐसे कर रही हैं देश के साथ गद्दारी

गाय की आड़ में लोगों को जान लेने वालों को ये गौशाला नही दिखाई देती, सच्चाई देखकर आपकी आँखों आ जायेंगे आंशु!

देश में मोदी सरकार आने के बाद से ही गाय के बहाने, बीफ के बहाने लोगों की सरेआम हत्याएं की जा रही हैं. भीड़ की आड़ में कुछ लोग आते हैं और लोगों को पीट पीटकर उनकी जान ले लेते हैं ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी जानकारी लेकर आये हैं जिसे जानने के बाद आप इन गौभक्तों की पूरा काला चिट्ठा समझ जायेंगे!Source

गौशाला में दम तोडती गायें 

जानकारी के लिए बता दें कि देश में ऐसी कई घटनाएँ सामने आई है जिसमें लोगों को गौतस्कर के नाम उनको पीटपीट कर ह्त्या कर दी जाती है लेकिन आज हम गायों को एक अन्य तस्वीर भी दिखाने जा रहे हैं जिसे देखने के बाद इन गौभक्तों को चेहरा छूपाने तक की जगह मिलेगी. बता दें कि हाल ही गौतस्कर के नाम पर रकबर खान की 21 जुलाई को भीड़ ने पीटपीट कर हत्या कर दी. इसके बाद राजस्थान गौशालाओं की कुछ ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखने के बाद आप यकीन नही कर पायेंगे.Source

भूख और कीचड़ है मरने की वजह!

बता दें कि राजस्थान के कोटा धर्मपुरा सरकारी गौशाला की की कहानी सुनकर आपको यकीन ही होगा यहाँ इतनी अधिक मात्रा में गायें रखी गयी है कि उन्हें बैठने तक की जगह नही मिल पाती है. अगर कोई गाय बैठ जाती है तो वो कीचड़ में इस कदर फंस जाती है कि उसे उठाने में दो तीन लोगों को मदद करनी पड़ती है. इस गौशाला में रोजाना भूख और कीचड़ में फंसकर लगभग आठ से दस गायें अपना दम तोड़ रही है. वहीँ सीकर के गोडिवास गांव की श्रीकृष्ण गौशाला की हालत तो और भी खराब है. यहाँ कीचड़ में फंसकर और भूख से मेरी गायों का अम्बार लगा हुआ है. गौक्षकों को ये मरती गायें क्यों नही दिखाई दे रही है. यही हल राजस्थान के कई गौशालाओं का है.Source

दूर दूर तक नही दिखाई देता है कोई गौरक्षक 

कीचड़, भूख और बीमारी से मर रही इन गायों का सुध लेने वाला को गौरक्षक नही है. हाल तो इतने ख़राब है कि बीमार गायों का इलाज करने के लिए कोई डॉक्टर तक वहां मौजूद नही है. बता दें कि राजस्थान सरकार ने शराब और स्टांप ड्यूटी पर 20 फीसदी सरचार्ज थोप कर इस राशि का इस्तेमाल गायों के खान पान की व्यवस्था में करने का वादा था लेकिन ऐसा कुछ होता दिखाई नही दे रहा है.Source

अब यहाँ सवाल ये खड़ा होता है कि एक तरह गाय तस्करी के आरोप में कुछ कथाकथित गौभक्त लोगों को पीट पीट कर मार डाल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ गौशालाओं में बदहाल हाल में मर रही गायों का सुध लेने वाला कोई नही है. क्या ये भक्त सच में गौ की रक्षा ही करना चाहते है? क्या इनका मकसद सिर्फ विशेष समुदाय के लोगों की जान लेना ही  नही है.

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