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सबरीमाला मंदिर पर स्मृति ईरानी ने दिया महिलाओं के विरुद्ध विवादित बयान, हिन्दू औरतों का किया अपमान

सबीरमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओ को मंदिर परसिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया. जब से कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया हैं तभी से इसका विरोध किया जा रहा हैं. वहीँ अब ख़बरे मिल रही हैं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शर्मनाक बयान दे कर सुर्खियो में छा गई हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि “मंदिर पूजा करने की जगह है न कि अपवित्र करने की.” इस बयान के बाद से लोगो में खासा गुस्सा हैं.

स्मृति का विवादित बयान source

आपकी जानकरी के लिए बता दे कि स्मृति ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि  “मंदिर पूजा करने की जगह है न कि अपवित्र करने के लिए.” उन्होंने कोर्ट के फैसले को चुनती देते हुए कहा कि कोई भी औरत महावारी के खून से सने सेनेटरी नेपकिन को लेकर अपने दोस्त के घर नहीं जाते हैं तो फिर हम भगवान के घर क्यों जाना चाहते हैं? इस बयान के बाद से ही विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं.

कोर्ट ने महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटाई source

आपको बता दे कि हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया गया था जिसमे काह गया हैं कि अब महिला भी सबीरमाला मंदिर के अंदर पूजा कर सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के मुताबिक हर किसी को, बिना किसी भेदभाव के मंदिर में पूजा करने की अनुमति मिलनी चाहिए. हालांकि की संवैधानिक बेंच के एक जज ने कहा कि सबरीमाला मंदिर कोई धार्मिक संप्रदाय नहीं हैं जिसकी वजह से पुरानी परंपरा को बनाये रखे.
सबरीमाला मंदिर का महत्व क्या है?source
आपको बता दे की इस मंदिर में दर्शन के लिए लाखो श्रद्धालु आते हैं. मंदिर में जाने के लिए यात्रियों को 18 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं. इस मदिर के वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार इन 18 सीढ़ियों को चढ़ने की प्रक्रिया इतनी पवित्र है कि कोई भी तीर्थयात्री 41 दिनों का कठिन व्रत रखे बिना ऐसा नहीं कर सकता. साथ ही इसमें लिखा हुआ हैं कि भक्तो को मंदिर के आने से पहले कुछ रस्मो का खाश ख्याल रखना होता हैं.

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