≡ Menu






राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों का फूटा गुस्सा, पीएम मोदी को मिली आख़िरी चितावनी, पढ़ें

बीजेपी की सरकार बनने के बाद भी राम मंदिर को लेकर सरकार की मंशा साफ़ नहीं दिख रही हैं. आपको याद दिला दे कि सत्ता में आने के पहले बीजेपी का चुनावी मुद्दा राम मंदिर था. शायद यही कारण हैं कि साधु संतों में सरकार को लेकर बगावती सुर सामने आने लगे हैं. इसके कारण आने वाले चुनाव में बीजेपी को झटका लग सकता हैं.

विश्व हिन्दू परिषद ने दिया अल्टीमेटमsource

जानकारी के लिए बात दे कि विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए वह अंतिम बार प्रयाश कर रहे हैं. इस साल के अंत तक संसद में इसके लिए मोदी सरकार कानून बना कर लाये वरना इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा. आपको बात दे कि एक बैठक में  महंत नृत्य गोपाल दास ने संसद में एक अध्यादेश लाने की मांग की हैं. उन्होंने कहा की सरकार अपनी मनसा साफ करे कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण कैसे होगा.

संतों ने राष्ट्रपति से किया मुलाकातsource

आपको बात दे कि इस बैठक के खत्म होने के बाद संतो ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की हैं. संतो ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया हैं कि जल्दी सरकार उनकी मांगो को पूरा करे. साथ ही विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे तरफ से निर्णय लिया गया हैं.source

इस वर्ष के अंत तक संसद में अध्यादेश लाये जाने की ‘‘समयसीमा’’ तय की गई है. आगे उन्होंने कहा की यदि मोदी सरकार ऐसा करने में नाकाम हुई तो हमारे पास दूसरा विकल्प हैं, जो मोदी सरकार को महंगा पड़ेगा.

कुंभ में तय की जायेगी आगे की रणनीतिsource

आपको बताते चले कि वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अगले साल इलाहाबाद का मेला लगने वाला हैं. बताया जा रहा हैं कि इस कुंभ में लगभग 30 हजार संत शामिल हो सकते हैं. उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि अध्यादेश न आने पर वहीं आगे की रणनीति तय करेंगे.

देखिये वीडियो :

राम मंदिर पर संतों की मीटिंग में क्या बड़ा फैसला हुआ? EXCLUSIVE #NewsTak

राम मंदिर पर संतों की मीटिंग में क्या बड़ा फैसला हुआ? EXCLUSIVE #NewsTak

Posted by News Tak on Friday, October 5, 2018

{ 0 comments… add one }

Leave a Comment