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4 जनवरी को अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट देगी अपना ये बड़ा फैसला, बीजेपी की हवा अभी से हुई खराब!

लगभग 30 सालों से गले की फ़ांस बनकर अटका हुआ अयोध्या विवाद अब सुलझने की कगार पर दिखाई दे रहा है. इन 30 सालों में कई राजनैतिक पार्टियों ने राम मंदिर की आड़ में जनता को बहकाने की कोशिश की जो चुनाव आयोग के द्वारा अपराध से कम नहीं है. चुनाव आयोग का साफ निर्देश है कि कोई भी पार्टी किसी भी धर्म जाति को ढाल बनाकर चुनाव प्रचार नहीं करेगी.

अयोध्या विवाद पर होगा फैसलाsource

अयोध्या में राम मंदिर पर बीजेपी ने अपनी सियासती रोटियां सेंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी जो अब उनके गले का फंदा बन बैठा है. बीजेपी ने राम मंदिर बनवाने को लेकर हिंदुओं के वोट अपने कब्जे में किये थे लेकिन मंदिर न बनने पर जब जनता ने विरोध करना शुरू कर दिया है तो बीजेपी मुहं छिपाती फिर रही है. लेकिन अब कोई और इस विवाद का फायदा अपने लिए इस्तेमाल न कर ले इसको लेकर कोर्ट 4 जनवरी को फैसला सुनाने वाला है.

यह है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि इतने सालों की प्रतीक्षा के बाद अब राम भक्तों और देश की जनता को 4 जनवरी को नए साल पर खुशखबरी मिल सकती है. जी हाँ, आपने सही सुना, खबर मिली है कि 4 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले पर बड़ा फैसला सुनाने वाला है जो राम भक्तों का इंतजार खत्म कर सकता है. हर बार की तरह इस बार भी बीजेपी राम मंदिर को मुद्दा बनाकर जनता को पागल बनाने की कोशिश करेगी.

2019 लोकसभा चुनाव में हो सकता है ये बड़ा मुद्दाsource

सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि आने 2019 के लोकसभा चुनावों में फिर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा अहम हो सकता है. इस मुद्दे को लेकर अभी से राजनीतिक गलियारों में हलचल दिखाई दे रही है. सभी पार्टियाँ अपने-अपने स्तर पर जनता को लुभाने में लगी हुई है इसी बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि मंदिर का निर्माण हम ही करवा सकते हैं कोई और नहीं.

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