दिल्ली के उपराज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, मिली कुछ दिन की मोहल्लत !


दिल्ली भारत की राजधानी है अगर कहा जाए तो भारत का दिल है दिल्ली. अगर दिल्ली में किसी प्रकार की कोई लापरवाही की जाती है तो सुप्रीम कोर्ट उसको लेकर सुनवाई कर सकता है. दिल्ली में हालही में अधिकारों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार में बहस होती नजर आ रही है. लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के उपराज्यपाल को ऐसी फटकार लगाई है जिसकी किसी न उम्मीद भी नहीं की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने उपराज्यपाल को लेकर दिया बयानsource

दिल्ली में कूड़े के पहाड़ को लेकर लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने उपराज्यपाल को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने कड़े के पहाड़ को हटाने के लिए अब तक क्या किया है. जब पता लगाया गया कि दिल्ली में साफ-सफाई और कचरा निस्तारण दिल्ली म्यूनिसिपल कारपोरेशन का काम है और एलजी इसकी निगरानी करते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 16 जुलाई तक उनको हलफनामा दाखिल करना पड़ेगा.

एलजी के वकील को भी नहीं छोड़ाsource

जब एलजी की तरफ से उनके वकील ने कहा कि उपराज्यपाल ने पिछले डेढ़ साल में 25 बैठकें और सात फील्डों का निरीक्षण किया है. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा, आप सिर्फ यह बताये कि ओखला, भलस्वा और गाजीपुर से कूड़े का ढेर कब तक हटेगा. हमें इससे मतलब नहीं है कि आप बैठकों में चाय कॉफी पीते हुए क्या कर रहे हैं. कूड़े के पहाड़ की उंचाई कुतुबमीनार से 6 मीटर कम है बस.

कोर्ट ने लगाया कुछ राज्यों पर जुर्मानाsource

सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों पर दो दो लाख रूपये का जुर्माना लगाया है जिनकी तरफ से कोई भी हलफनामा या वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ. कोर्ट का कहना है कि कोर्ट इन राज्यों को हलफनामा पेश करने का आखिरी मौका दे रहा है उसके बाद सीधे इनके मुख्य सचिवों को कोर्ट में तलब किया जाएगा.

दिल्ली पर दिया ज्यादा जोरsource

कोर्ट ने दिल्ली पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि कूड़े के पहाड़ की वजह से लोगों में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारी के फैलने का खतरा बना हुआ है. कोर्ट की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल के पास काम करने को लेकर हलफनामा होना जरूरी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर एलजी अपने आप को सुपरमैन मानते हैं तो अभी तक इसके ऊपर कोई कारवाई क्यों नहीं की गई.

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