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उत्तर प्रदेश की इस महत्वपूर्ण लोकसभा सीट पर लगभग हर पार्टी से खड़े हो रहे है वरिष्ठ नेता !

जैसा-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रहे है, वैसे ही राजनीति में घमासान मचाना चालू हो गया है. चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टी अपनी-अपनी कमर कस ली है. इस बार के चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बिच काटो का टक्कर देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही बता दे यूपी में कांग्रेस और बीजेपी को भरी नुक्सान का सामना करना पड़ सकता है, क्युकी वहां महागठबंधन भी अपने आप में एक अलग ही राजनीती पैदा कर चूका है.

किसी ने नहीं सोचा था

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राजनीति में कौन कब किसका दुश्मन बन जाता है, और कब कौन किसका दोस्त, इसका ताजा उदाहरण 15 साल बाद यूपी में देखने को मिला. इस बार यूपी की राजनीति में बहुत कुछ खास होने वाला है. क्यूकी यहाँ चुनावी दंगल में एक नही बल्कि 03 पार्टी मैदान में है. बीजेपी और कांग्रेस और महागठबंधन के बिच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. शायद हम में से भी किसी ने नही सोचा होगा की मायावती और अखिलेश यादव कभी साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे .

मायावती यहाँ से लड़ेंगी चुनाव

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काफी समय से मायावती को लेकर अटकलें लगाया जा रहा था की मायवती इस बार का चुनाव लड़ेंगी या नही. लेकिन इस बात पर खुद मायावती ने पूर्ण विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि मायावती इस बार का लोकसभा चुनाव लड़ेंगी. जानकारी के मुताबिक मायावती उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से चुनाव लड़ सकती है. हालांकि इस सीट से गिरीश चंद्र जाटव का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा था. लेकिन अब ऐसा नही होगा.

नगीना सीट के पीछे क्यों है सभी की नज़र

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि नगीना में कुल 15 लाख वोटर्स हैं. इन 15 लाख वोटर में से करीब 04 लाख मुस्लिम, दलित, और जात वोटर शामिल है. हालांकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के उम्मीदवार जसवंत सिंह को 39 पर्सेंट ही वोट मिले थे. इस सीट से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस बार सभी पार्टियों की नज़र इस सीट पर है.

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