योगी सरकार ने इस बाबा के ऊपर से हटाया बलात्कार का केस, नाम जानेंगे तो आपके भी होश उड़ जाएंगे!


इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार बलात्कारियों पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रही है. प्रदेश की सरकार ने यह फैसला किया है कि वो पूर्व केंद्रीय मंत्री और  मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख स्‍वामी चिन्‍मयानंद पर दर्ज बलात्कार के आरोप को वापस लेगी. इस काम के लिए चिट्ठी 9 मार्च को ही जिला मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर के कार्यालय से जारी हो चुका है. मालूम हो कि यह पत्र वरिष्ठ अधिकारी को संबोधित करने के लिए एडीएम  के दस्तखत से जारी हुआ है.

बलात्कारी बाबा पर मेहरबान हुई योगी सरकार

*-इस पात्र में लिखा गया है कि पत्र में लिखा गया है कि शासन ने शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर दर्ज धारा-376,506 आईपीसी का केस वापस लिए जाने का फैसला हुआ है।

*-अतः शासनादेश के तहत कृत कार्रवाई से अवगत कराने का कष्ट करें, ताकि शासन को भी अवगत कराया जा सके.

*-इस बीच खबर यह भी है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी शाहजहांपुर गए थे.

*-उन्होंने 25 फ़रवरी को स्वामी चिन्मयानन्द से मुलाकात भी किया था.Source

अफसर उतारते दिखे बलात्कारी की आरती

*-साथ ही आश्रम में आयोजित मुमुक्ष युवा महोत्सव में भाग लिया था. इतना ही नहीं खबर यह भी है कि चिन्मयानंद के जन्मदिन पर भी उनसे कई बड़े-बड़े अधिकारी उनसे मिलने आये थें.

*-इस कार्यक्रम का एक विडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें स्वामी के समर्थक उनका आरती उतारते नजर आ रहे हैं.

*-इस विडियो में शाहजहांपुर सीडीओ और एडीएम स्वामी की आरती उतारते नजर आ रहे हैं.

*-उल्लेखनीय है कि  इसके छह दिन बाद शर्मा के ही दस्‍तखत से जारी पत्र में मुकदमा वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए गए हैं.Source

क्या है मामला?

*-वाजपेयी सरकार में जौनपुर से सांसद बनने के बाद स्वामी चिन्मयानंद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे.

*-उसी दौरान  बदायूं निवासी साध्वी चिदर्पिता नामक महिला ने 2011 में स्वामी पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था.

*-चिदर्पिता के कहने पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में 30 नवंबर 2011 के दिन दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया.

*-इस केस और गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

*-स्वामी के अपील के बाद कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया था. तब से अब तक यह केस लंबित ही चल रहा है.

निष्कर्ष

वाजपेयी सरकार में जौनपुर से सांसद बनने के बाद स्वामी चिन्मयानंद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे. उसी दौरान  बदायूं निवासी साध्वी चिदर्पिता नामक महिला ने 2011 में स्वामी पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था.

नोट: दोस्तों आपको क्या लगता है, देश भर में बाबाओं पर हमेशा के लिए बैन लगा देना चाहिए ? कमेन्ट कर के अपने विचार व्यक्त करें.

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